उदयपुर शहर के न्यू केशवनगर में रहने वाले एक सीनियर सिटीजन रिटायर्ड अधिकारी और उसकी पत्नी को 12 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर कर करीब 62 लाख रुपए से ज्यादा राशि ठगों ने अपने बैंक खातों में डलवा दिए।
मामला सुखेर थाना क्षेत्र के न्यू केशवनगर की डी रोड का है। इस संबंध में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, न्यू केशवनगर निवासी भरत व्यास और उनकी पत्नी आशा व्यास से 67 लाख 90 हजार रुपए की ठगी का मामला उदयपुर के अभय कमांड सेंटर पर साइबर पुलिस थाने में दर्ज कराया है। बताया कि व्हाट्सएप वीडियो कॉलिंग के जरिए पति-पत्नी को 12 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर रुपए हड़प लिए गए।
पुलिस को दी रिपोर्ट में व्यास ने बताया कि ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और न्यायिक मजिस्ट्रेट बताकर मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसाने की धमकी दी। व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए मानसिक दबाव बनाकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवा ली। पीड़ित की ओर से साइबर थाने में मामला दर्ज कराया गया है।
28 दिसंबर से कॉल शुरू हुए
रिपोर्ट में बताया कि 28 दिसंबर 2025 को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें पीड़ित के खिलाफ शिकायत मिलने की बात कही गई। कुछ देर बाद व्हाट्सएप कॉल के जरिए खुद को सीबीआई दिल्ली से लक्ष्मण बताने वाले व्यक्ति ने कहा कि उनका नाम नरेश गोयल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में है, जिसमें 20 लाख रुपए के लेन-देन की बात बताई गई।
वीडियो कॉल पर धमकी दी
वीडियो कॉल पर पूछताछ के दौरान कार्रवाई का डर दिखाया गया। इसके बाद कॉल पर एक अन्य व्यक्ति जुड़ा, जिसने खुद को सीबीआई दिल्ली ब्रांच का एएसपी समाधान पंवार बताया। उन्होंने पीड़ित दंपती से संपत्ति और बैंक बैलेंस की जानकारी ली और कहा कि 29 दिसंबर सुबह 9 बजे वर्चुअल कोर्ट में पेश किया जाएगा। दोनों को सफेद कपड़े पहनकर तैयार रहने को कहा गया।
मजिस्ट्रेट भी सामने आया वीडियो पर
अगली सुबह फिर कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को मजिस्ट्रेट बताया। उसने कहा कि यह मनी लॉन्ड्रिंग का केस है और जमानत के लिए राशि जमा करनी होगी। पीड़ित दंपती ने गिरफ्तारी के डर से अलग-अलग बैंकों में रकम ट्रांसफर की। यह प्रक्रिया 28 दिसंबर से 8 जनवरी तक चली। इस दौरान लगातार वीडियो कॉल कर उन्हें डिजिटल अरेस्ट में रखा गया।






