उदयपुर (अमोलक न्यूज़ Andolan News)। महावीर युवा मंच, उदयपुर की ओर से गुरुवार को दानवीर भामाशाह Bhamashah Jayanti celebrates की 426वीं पुण्यतिथि उदयपुर के भामाशाह सर्किल, हाथीपोल स्थित भामाशाह प्रतिमा स्थल पर श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति भाव के साथ मनाई गई। कार्यक्रम प्रातः 9:30 बजे प्रारंभ होकर 11:00 बजे तक चला, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों, संगठनों एवं संस्थाओं के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
महावीर युवा मंच के महामंत्री नीरज सिंघवी ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत भामाशाह प्रतिमा स्थल पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान विद्यापीठ के कुलपति प्रो.एस .एस. सारंगदेवोत उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व महापौर श्रीमती रजनी डांगी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में शहर विधायक ताराचंद जैन एवं शहर भाजपा अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ मौजूद रहे। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण राष्ट्रकवि सिद्धार्थ देवल की उपस्थिति रही।
महावीर युवा मंच के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र जैन ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ सुश्री खुशबू मालवीया द्वारा प्रस्तुत सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गान से हुआ। इसके पश्चात महावीर युवा मंच महिला प्रकोष्ठ द्वारा मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया, जिसमें प्रेरणा जैन, कांता जी खीमावत एवं मंजुला सिंघवी की टीम ने सुमधुर स्वर में मंगलाचरण का गायन किया।
कार्यक्रम के संयोजक अर्जुन जी खोखावत ने बताया कि मुख्य अतिथि राजस्थान विद्यापीठ के कुलपति प्रो.एस.एस. सारंगदेवोत ने अपने उद्बोधन में दानवीर भामाशाह के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें वीर, साहसी, नीतिकुशल प्रबंधक, परम स्वामीभक्त, राष्ट्रभक्त एवं योग्य प्रशासक बताया। उन्होंने कहा कि भामाशाह जैसे व्यक्तित्व राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जिन्होंने अपने त्याग और समर्पण से इतिहास को दिशा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं पूर्व महापौर नगर निगम श्रीमती रजनी डांगी ने भामाशाह के जीवन का परिचय देते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रहित में अपना सर्वस्व मेवाड़ के महाराणा प्रताप को अर्पित कर अद्वितीय राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि भामाशाह जी के लिए निजी जीवन से अधिक राष्ट्रभक्ति महत्वपूर्ण थी। संकट की घड़ी में उन्होंने अपनी संपूर्ण अर्जित संपत्ति राष्ट्र की रक्षा हेतु समर्पित कर दी, जो भारतीय इतिहास में विरल उदाहरण है।
शहर विधायक श्री ताराचंद जैन ने अपने वक्तव्य में भामाशाह के चरित्र, गुणों एवं कार्यों की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भामाशाह मेवाड़ इतिहास का स्वर्णिम और अविस्मरणीय अध्याय हैं। वैश्य होते हुए अर्थ विसर्जन उनका स्वभाव था। वे न केवल वीर थे, बल्कि कुशल प्रशासक भी थे और उन्हें मेवाड़ के उद्धारक के रूप में भी स्मरण किया जाता है।
विशिष्ट अतिथि शहर भाजपा अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि मेवाड़ के कठिन काल में भामाशाह जी ने साहस और धैर्य के साथ महाराणा प्रताप के एक आदर्श, विश्वासपात्र मित्र एवं सहयोगी के रूप में अपनी अपार निजी संपत्ति राष्ट्रहित में अर्पित कर उच्चकोटि की देशभक्ति और स्वामीभक्ति का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि यदि महाराणा प्रताप को राम की उपमा दी जाए, तो भामाशाह जी को उनके प्रमुख सहायक हनुमान के रूप में देखा जा सकता है। मेवाड़ की गौरव-प्रतिष्ठा और स्वाभिमान को अक्षुण्ण रखने में भामाशाह का योगदान अतुलनीय रहा है।

मंच के मुख्य संरक्षक प्रमोद समर ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज विश्वभर में भामाशाह का नाम दानवीरता का पर्याय बन चुका है। आधुनिक भौतिक युग में जो भी व्यक्ति अपनी संपत्ति समाज और राष्ट्रहित में समर्पित करता है, उसे ‘भामाशाह’ की उपाधि से नवाजा जाता है। उन्होंने सभी से अपनी आय का कुछ अंश समाज एवं राष्ट्रहित में लगाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण राष्ट्रकवि श्री सिद्धार्थ देवल रहे, जिन्होंने अपनी ओजस्वी वाणी में भामाशाह जी को महाराणा प्रताप का अनन्य सहयोगी और महान राष्ट्रभक्त बताते हुए अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत की—
समारोह में विभिन्न समाजों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें राजपूत, चारण, माहेश्वरी, खारोल, परिहार, सिकलीगर, जीनगर, कुमावत, सुथार, लोहार, सोनी, वारी, सेन, श्रीमाली, डांगी, पटेल, गायरी, ब्राह्मण, तेली, खटीक, वसीटा, साहू, सिंधी, सिख, गोस्वामी, सालवी, वैष्णव, अग्रवाल, राव, चौधरी, भावसर, गुर्जर, धाभाई, अरोड़ा, दशोरा, गमेती, मोची एवं वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधि शामिल रहे।
इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में मार्बल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. गजेंद्र सामर, हिम्मत मित्र मंडल के अध्यक्ष देवेंद्र ज्वालिया, सुमिधा के अध्यक्ष डॉ. चंद्रगुप्त सिंह चौहान, वात्सल्य समिति के अध्यक्ष प्रकाश अग्रवाल, सेन समाज के महासचिव महेंद्र शर्मा, भामाशाह फाउंडेशन के उपाध्यक्ष अनिल कुमावत, सचिव राजकमल लोहार, भाजपा महामंत्री पंकज बोराना एवं देवी लाल सालवी, कर्मचारी संघों के अध्यक्ष अरविंद सिंह राव, कमल बाबेल, कारण सिंह शक्तावत, पशु चिकित्सक संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. ओम साहू एवं डॉ. शरद अरोड़ा, कोठारी ट्रस्ट के अध्यक्ष सी.ए. आशीष कोठारी, सिंधी युवा संगठन के अध्यक्ष विजय आहूजा, परिहार समाज के अध्यक्ष राजू परिहार एवं महंत अशोक परिहार, बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष यशवंत दशोरा, सत्यनारायण मोची, खंडेलवाल समाज के पूर्व अध्यक्ष दिनेश गुप्ता ,राजमल चित्तौड़ा ,राकेश पोरवाल,राकेश जैन सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में महावीर युवा मंच के पूर्व अध्यक्ष श्री निर्मल पोखरना, आलोक पगारिया, कुलदीप नाहर, संजय नागोरी, बसंत किमावत, डॉ. स्नेहदीप बनावत, राजेश जैन, डॉ. तुक्तक भानावत, भगवती सुराणा, रमेश सिंघवी, अशोक, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्षा मधु सुराणा, मंत्री शुभा हिंगड़, प्रेरणा जैन, मंजुला सिंघवी, कांता खीमावत सहित मंच के अनेक सदस्यगण मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। राष्ट्रगान का गायन श्री आलोक पगारिया द्वारा किया गया।
अंत में मालदास स्ट्रीट व्यापारी संस्था ( रजि.) केसौजन्य से अल्पाहार की व्यवस्था संस्था अध्यक्ष श्री लोकेश जी कोठारी,सोरभ जी जैन, गजेन्द्र खाब्या, लोकेश जी चौधरी, निर्मल जी मठा, नरेंद्र जी खत्री, उमेश जांगिड़ एवम अनेक व्यापारियों ने भामाशाह पुष्पांजलि कार्यक्रम में सहयोग दियाद्वारा सभी अतिथियों के सम्मान में की गई, जिसके साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ।






