उदयपुर। केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की राजनीति और नेताओं के प्रति विश्वास का संकट पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं इस क्राइसिस और विश्वसनीयता के संकट को चुनौती के रूप में स्वीकार करना होगा।
वे आज भूपाल नोबल्स संस्थान की ओर से संस्थान के 104वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बच्चों के लिए संस्कार, इनावेशन और प्रेक्टिकल एप्रोच पर जोर दिया।

केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत 2030 तक टॉप-3 इकोनॉमी में शामिल हो जाएगा। भारत अब डिफेंस के क्षेत्र में काफी ग्रो कर रहा है। हथियार बनाने के मामले में हम पूरी तरह से आत्मनिर्भर हैं। उन्होंने कहा कि पहले विदेशों में लोग भारत की बातों को गंभीरता से नहीं लेते थे, लेकिन आज यह हैसियत बनी है कि जब भारत बोलता है तो सब सुनते हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मेरे अंदर का शिक्षक आज भी जिंदा है। मैं संयोग से राजनीति में आ गया था। वे स्कूली बच्चों से भी बड़ा मन रखने की बात कहते हुए बोले कि जितना बड़ा मन होगा, उतनी ही बड़ी सफलता मिलेगी।
कार्यक्रम में मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य और नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ ने इशारों ही इशारों में बिना नाम लिए पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया पर तंज कसा। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि जो भी हमारे महापुरुष हैं, उनके नाम का राजनीति में दुरुपयोग नहीं होना चाहिए, जो लोग उनके बारे में हल्के तरीके से बात कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्ती से कदम उठाने की मंशा और सख्ती दोनों रखी जाए।






