नई दिल्ली (अमोलक न्यूज Amolak News)। भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार हुआ है। लेटेस्ट हेनले पासपोर्ट इंडेक्स (फरवरी 2026) के अनुसार, अब भारत का पासपोर्ट दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट्स की सूची में 75वें स्थान पर पहुंच गया है।
साल की शुरुआत में यह 80वें स्थान पर था, यानी हाल ही में इसमें 5 स्थानों का सुधार हुआ है। इससे पहले 2025 में यह 85वें स्थान पर था, जिससे कुल मिलाकर 10 स्थानों की छलांग लगी है।
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स दुनिया भर के लगभग 200 देशों के पासपोर्ट को रैंक करता है। यह रैंकिंग इस बात पर आधारित होती है कि उस देश के पासपोर्ट धारक कितने देशों में बिना वीजा के या वीजा ऑन अराइवल के साथ जा सकते हैं।
भारतीय पासपोर्ट धारकों को अब 56 देशों में वीजा-फ्री या वीजा ऑन अराइवल की सुविधा मिलती है। यह रैंकिंग इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के ट्रैवल आंकड़ों के आधार पर तैयार की जाती है। इस इंडेक्स में पाकिस्तानी पासपोर्ट 97वें नंबर है। उसकी पोजिशन फिलिस्तीन (91), नार्थ कोरिया (94) और सोमालिया (96) से भी नीचे हैं।
नई रैंकिंग में सुधार का मतलब है कि भारतीय नागरिकों के लिए विदेश यात्रा पहले से आसान हुई है। छुट्टियों, कारोबार और सांस्कृतिक यात्राओं के लिए अब ज्यादा सुविधाएं मिलेंगी। एशिया, कैरेबियन, अफ्रीका और ओशिनिया के कई देश भारतीयों को आसान वीजा सुविधा दे रहे हैं।
भारत की रैंकिंग पिछले दस साल में लगातार ऊपर-नीचे होती रही है। साल 2006 में भारत 71वें पायदान पर था, जो उसकी अब तक की सबसे अच्छा पोजिशन थी। इसके बाद रैंकिंग गिरती गई और पिछले साल लो 85वें स्थान पर पहुंच गई थी। 2026 की शुरुआत में भारत 80वें पायदान पर आया और अब 75वें स्थान पर पहुंच गया है।






